प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा का दूसरे दिन 10 अरब डॉलर के 24 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं। प्रधानमंत्री और चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग के बीच हुई मुलाकात के दौरान इंफ्रास्ट्रक्चर, खनन, रेलवे, टूरिज्म, स्पेस और मानव संसाधन विकास से जुड़े अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं।
पेइचिंग में दोनों नेताओं के बीच हुई चर्चा में सीमा संबंधी मसलों, इन्वेस्टमेंट और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के ऊपर चर्चा हुई। इसके बाद ज्वाइंट कॉफ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एशिया की दो महाशक्तियों को अपने आपसी मतभेद मिटाकर सहयोग पर जोर देना होगा। उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया में चीन एक अहम सहयोगी हो सकता है। साथ ही रेलवे, इंडस्ट्रियल पार्क, शहरीकरण और ट्रेनिंग जैसे क्षेत्र में दोनों देश मिलकर काम कर सकते हैं।
रेलवे और औद्योगिक पार्क को लेकर बड़े करार
चीन के साथ हुए 24 समझौतों के बारे में जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि रेलवे के आधुनिकीकरण की योजना में चीन एक अहम सहयोगी हो सकता है। इसके तहत आज भारत और चीन के बीच रेलवे में विशेषीकृत विस्तार योजनाओं के लिए करार पर हस्ताक्षर हुए हैं। हालांकि, बुलट ट्रेन को लेकर दोनों पक्षों के बीच कोई करार नहीं हुआ है।
इसके अलावा, महाराष्ट्र और गुजरात में 2 चीनी इंडस्ट्रियल पार्क के लिए भी करार पर हस्ताक्षर हुए हैं। इतना ही नहीं, दोनों देशों के बीच खनन, स्किल डवलपमेंट, टूरिज्म को लेकर भी करार हुए हैं। अंतरिक्ष तकनीक में आदान-प्रदान के लिए भारतीय स्पेस एजेंसी इसरो ने चीन की स्पेस एजेंसी के साथ समझौता किया है। वहीं संचार के क्षेत्र में दूरदर्शन और चीन के सरकारी मीडिया सीसीटीवी के साथ भी करार पर हस्ताक्षर हुए हैं।
इन क्षेत्रों में हुए करार
- एजुकेशन एक्सचेंज प्रोग्राम।
- माइनिंग एंड मिनरल सेक्टर।
- चीन के सहयोग से अहमदाबाद में महात्मा गांधी स्किल डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट बनाया जाएगा।
- भारत के सहयोग से चीन में योग कॉलेज खुलेगा।
- अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग।
- चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के इंटरनेशनल डिपार्टमेंट के साथ भारतीय विदेश मंत्रालय का समझौता।
- चीन की सरकारी प्रसारण कंपनी सीसीटीवी और दूरदर्शन के बीच सहयोग।
- टूरिजम के सेक्टर में सहयोग।
- इंडिया-चाइना थिंक टैंक की स्थापना
- भूकंप विज्ञान और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में सहयोग
- चीन के डेवलपमेंट रिसर्च सेंटर और नीति आयोग के बीच सहयोग।
- समुद्र विज्ञान के क्षेत्र में सहयोग।
- चेंगडू और चेन्नई में खुलेंगे कौंसुलेट।
- ट्रेड निगोशिएशन के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने के मद्देनजर से काउंसलेटिव मेकेनिजम तैयार किया जाएगा।
- इंपोर्ट के क्षेत्र में सेफ्टी रेगुलेशन।
- भू विज्ञान के क्षेत्र में सहयोग।
- दोनों देशों के राज्यों और म्यूनिसिपैलिटीज के बीच सहयोग-इंडो चाइना लीडर्स फोरम।
- सिस्टर सिटीज चेन्नई और चेंगड़ू, हैदराबाद और क्विंगडाऊ, औरंगाबाद और डनहंग में बनेंगे।
- गांधीवादी अध्ययन के लिए सेंटर बनेगा।
शंघाई में होंगे 20 अहम कारोबारी करार
ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि चीन के साथ भारत तेजी से कारोबारी रिश्ते मजबूत करना चाहता है। इसके लिए वे शनिवार को शंघाई में चीन के प्रमुख बिजनेस लीडर्स के साथ मुलाकात करेंगे। इस दौरान चीनी और भारतीय कंपनियों के बीच 20 अहम करार होने की संभावना है।
1.46 लाख करोड़ के करार की संभावना
शंघाई में भारतीय और चीनी कंपनियों के बीच इंफ्रा, स्टील, कम्युनिकेशन और आईटी सेक्टर में 1.46 लाख करोड़ रुपये के बड़े करार की संभावना है। इसमें से करीब 1.09 करोड़ रुपये की डील जॉइंट वेंचर के तहत होने की संभावना है। कारोबारी समझौतों के साथ दोनों देशों की सरकारों के बीच ट्रांसपोर्ट सिस्टम, इंडस्ट्रियल पार्क और स्मार्ट सिटी को लेकर भी अहम करार होने की संभावना है।
ज्वाइंट वेंचर करार पर होगा जोर
भारत की दिग्गज कंपनियां अडानी ग्रुप, जेएसडब्ल्यू स्टील, जीएमआर तथा वेलस्पन आज चीन के साथ करीब 3.5 अरब डॉलर के निवेश समझौतों पर दस्तखत कर सकती हैं। ये कंपनियां चाइनीज पार्टनर्स के साथ ज्वाइंट वेंचर एग्रीमेंट्स कर सकती हैं। वहीं विप्रो और इंफोसिस चीन में बड़े निवेश का ऐलान कर सकती हैं।
भारती एयरटेल करीब 2.5 अरब डॉलर चीन के बैंकों से जुटा रही है। इसमें चाइना डिवेलपमेंट बैंक से मिलने वाले एक अरब डॉलर से स्पेक्ट्रम फीस चुकाई जाएगी। चाइना डिवेलपमेंट बैंक चाइनीज मैन्युफैक्चरर्स जेडटीई और हुवेई से इक्विमेंट्स खरीदने के लिए एक अरब डॉलर और देगा। भारती इसके अलावा इंडस्ट्रियल एंड कमर्शल बैंक ऑफ चाइना से 50 करोड़ डॉलर की क्रेडिट फैसिलिटी का इंतजाम भी करेगी। भारती के प्रवक्ता ने इस मुद्दे पर बात करने से मना कर दिया।
ग्रीन एनर्जी में होंगे बड़े समझौते
अडानी ग्रुप मुंद्रा स्पेशल इकनॉमिक जोन में चाइनीज ग्रीन एनर्जी कंपनी गोल्डन कॉन्कॉर्ड होल्डिंग्स के साथ मिलकर इंटीग्रेटेड फोटोवोल्टेइक इंडस्ट्रियल पार्क बना रहा है। इस संबंध में फ्रेमवर्क एग्रीमेंट पर दोनों कंपनियां मोदी के चीन दौरे के दौरान दस्तखत करेंगी। साथ ही, अडानी ग्रुप चाइना डिवेलपमेंट बैंक से एक अरब डॉलर जुटा रहा है, जिसका इस्तेमाल अडानी पावर के मुंद्रा पावर प्लांट के विस्तार में किया जाएगा।